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कैलाश पर्वत: भौगोलिक स्थिति एवं निर्देशांक

कैलाश पर्वत तिब्बत के आरी क्षेत्र में स्थित है। 6,638 मीटर ऊँचा यह पर्वत चार महानदियों का उद्गम स्थल है और भारत के लिपुलेख दर्रे से दिखाई देता है।

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भारत से कैलाश——पवित्र दर्शन

भारत के उत्तराखंड राज्य में स्थित लिपुलेख दर्रे (ऊँचाई 5,334 मीटर) से कैलाश पर्वत का भव्य दर्शन संभव है। यह वही मार्ग है जिससे होकर प्राचीन काल से भारतीय तीर्थयात्री कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर जाते रहे हैं। भारत-तिब्बत सीमा से मात्र 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित, कैलाश पर्वत भारतीय सभ्यता का अभिन्न आध्यात्मिक हिस्सा है।

स्थिति

कैलाश पर्वत (तिब्बती: གངས་རིན་པོ་ཆེ, कांगरिनबोछे, अर्थात “अनमोल हिम पर्वत”) चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के आरी प्रांत के बुरांग ज़िले में स्थित है। यह गैंगडिसे पर्वतमाला (कैलाश श्रेणी) का मुख्य शिखर है।

निर्देशांक

  • अक्षांश: 31°04’ उत्तर
  • देशांतर: 81°18’ पूर्व
  • ऊँचाई: 6,638 मीटर (21,778 फ़ीट)

यद्यपि इसकी ऊँचाई एवरेस्ट से काफ़ी कम है, फिर भी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व में कैलाश पर्वत पृथ्वी के किसी भी अन्य पर्वत से कहीं आगे है।

भौगोलिक विशेषताएँ

कैलाश पर्वत पश्चिमी तिब्बत के पठार पर, आरी क्षेत्र के मध्य में स्थित है। इसके चारों ओर की भौगोलिक संरचना अत्यंत विशिष्ट है:

  • उत्तर: सिंगी खंबब (सिंह नदी, सिंधु नदी का उद्गम)
  • दक्षिण: मानसरोवर झील (विश्व की सबसे ऊँची मीठे पानी की झीलों में से एक) और राक्षसताल (राक्षस झील)
  • पूर्व: तामचोक खंबब (अश्व नदी, ब्रह्मपुत्र का उद्गम)
  • पश्चिम: लांगछेन खंबब (हाथी नदी, सतलुज का उद्गम)

चार महानदियों का उद्गम——भारत की जीवनरेखाएँ

कैलाश पर्वत को “एशिया का जल स्तंभ” कहा जाता है। यहाँ से निकलने वाली चार नदियाँ भारतीय उपमहाद्वीप की अरबों लोगों की जीवनरेखा हैं:

नदीदिशालंबाईगिरती है
सिंधु (सिंगी खंबब)उत्तर~3,180 किमीअरब सागर
सतलुज (लांगछेन खंबब)पश्चिम~1,450 किमीसिंधु नदी
ब्रह्मपुत्र (तामचोक खंबब)पूर्व~2,900 किमीगंगा डेल्टा
कर्णाली (माछा खंबब)दक्षिण~1,080 किमीगंगा नदी

यह एक अद्भुत भौगोलिक संयोग है कि कैलाश से निकलने वाली चारों नदियाँ भारत की धरती को सिंचित करती हैं। सिंधु पंजाब के मैदानों को, सतलुज हिमाचल और पंजाब को, ब्रह्मपुत्र पूर्वोत्तर भारत को, और कर्णाली (घाघरा) उत्तर प्रदेश और बिहार को जीवन देती है।

मानसरोवर——देवताओं की झील

कैलाश पर्वत से लगभग 20 किलोमीटर दक्षिण में मानसरोवर झील (ऊँचाई ~4,590 मीटर) स्थित है। हिंदू मान्यता के अनुसार, इस झील की रचना स्वयं ब्रह्मा जी ने की थी। इसका नाम “मानस” (मन) और “सरोवर” (झील) से मिलकर बना है——अर्थात मन का सरोवर। मानसरोवर में स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं और आत्मा शुद्ध हो जाती है।

मानसरोवर के ठीक बगल में स्थित राक्षसताल खारे पानी की झील है, जो केवल एक संकरी जलधारा द्वारा मानसरोवर से जुड़ी है। पवित्रता और अपवित्रता का यह विरोधाभास प्रकृति का अद्भुत रहस्य है।

भारत से कैसे पहुँचें

नाथूला मार्ग (सिक्किम)

सबसे लोकप्रिय आधिकारिक मार्ग, भारत सरकार द्वारा आयोजित कैलाश-मानसरोवर यात्रा इसी मार्ग से जाती है।

लिपुलेख मार्ग (उत्तराखंड)

पारंपरिक तीर्थयात्रा मार्ग, वर्तमान में सीमित पहुँच के साथ।

नेपाल होकर

काठमांडू से ल्हासा होते हुए सड़क मार्ग द्वारा कैलाश पहुँचा जा सकता है। यह मार्ग विदेशी नागरिकों और स्वतंत्र यात्रियों के लिए लोकप्रिय है।

कैलाश का सबसे निकटतम कस्बा तारछेन (ऊँचाई ~4,575 मीटर) है, जो परिक्रमा का प्रारंभिक और अंतिम बिंदु है।

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