क्या मैं कैलाश परिक्रमा कर सकता हूं?
यह सवाल हर किसी के मन में आता है। संक्षिप्त जवाब: हां, ज्यादातर स्वस्थ लोग कर सकते हैं।
आपको एथलीट होने की जरूरत नहीं। लेकिन 4,600 से 5,648 मीटर की ऊंचाई पर 52 किलोमीटर चलना कोई मजाक नहीं। यहां ऑक्सीजन समुद्र तल की तुलना में सिर्फ 50-60% है।
1. परिक्रमा कितनी कठिन है?
कठिनाई दूरी में नहीं, ऊंचाई में है।
कल्पना करें: आप 4,600 मीटर पर चलना शुरू करते हैं। हर कदम पर सांस फूलती है — यह सामान्य है। दूसरे दिन आपको 5,648 मीटर के द्रोलमा ला दर्रे को पार करना है।
आपके लिए आसान होगा अगर:
- आप रोज 30-40 मिनट टहलते या व्यायाम करते हैं
- आप पहले कभी 3,000 मीटर से ऊपर गए हैं
- आपका वजन नियंत्रण में है और कोई गंभीर बीमारी नहीं
ज्यादा तैयारी चाहिए अगर:
- आप बिल्कुल व्यायाम नहीं करते
- आपको दिल या सांस की बीमारी है
- आप कभी पहाड़ों पर नहीं गए
2. ऊंचाई की बीमारी (एएमएस) से कैसे बचें?
ज्यादातर लोगों को हल्का सिरदर्द होता है — यह सामान्य है।
गंभीर एएमएस (हाई एल्टीट्यूड पल्मोनरी एडिमा/सेरेब्रल एडिमा) दुर्लभ है लेकिन जानलेवा हो सकता है।
बचाव के 5 सुनहरे नियम:
- धीरे-धीरे ऊपर चढ़ें — कैलाश पहुंचने से पहले ल्हासा (3,650 मी) में 2-3 दिन रुकें
- खूब पानी पिएं — रोज 3-4 लीटर। हवा इतनी सूखी है कि हर सांस के साथ पानी खोते हैं
- शराब और धूम्रपान न करें — यात्रा से 3 दिन पहले और परिक्रमा के दौरान पूरी तरह बंद
- दवा का सहारा लें — डायमॉक्स (एसिटाजोलामाइड) डॉक्टर की सलाह से लें। यह एएमएस से बचाने में मदद करता है
- शरीर की सुनें — तबीयत खराब लगे तो आराम करें। यह कोई प्रतियोगिता नहीं है।
खतरे के संकेत (तुरंत नीचे उतरें):
- तेज सिरदर्द जो दवा से ठीक न हो
- चलने में लड़खड़ाहट (जैसे नशे में हों)
- आराम करते समय भी सांस फूलना
- उल्टी और भ्रम की स्थिति
3. शारीरिक तैयारी कैसे करें?
अगर आपके पास 3 महीने हैं तो यह शेड्यूल अपनाएं:
पहला महीना:
- हफ्ते में 3 बार 5 किलोमीटर तेज चलें
- लिफ्ट की बजाय सीढ़ियां चढ़ें
- रविवार को 10 किलोमीटर पैदल चलें
दूसरा महीना:
- हफ्ते में 4 बार 8 किलोमीटर
- 3-5 किलो का बैग पीठ पर लादकर चलें
- सप्ताहांत में 15-20 किलोमीटर चलें
तीसरा महीना:
- पिछला अभ्यास जारी रखें
- नए ट्रेकिंग जूते पहनकर चलें (कम से कम 2 हफ्ते, नहीं तो छाले पड़ेंगे)
- अगर आसपास पहाड़ियां हैं तो वहां चढ़ाई का अभ्यास करें
4. कितना खर्च आएगा?
विस्तृत जानकारी के लिए हमारी खर्च गाइड पढ़ें। संक्षेप में:
- सरकारी यात्रा: ₹45,000-80,000
- नेपाल रूट: ₹1,50,000-3,00,000
- चीन रूट: ₹2,00,000-3,50,000
5. नहाने की सुविधा है क्या?
नहीं। परिक्रमा के तीन दिनों में नहाने की कोई सुविधा नहीं। गीले टिशू ले जाएं। यह मुश्किल लगता है लेकिन तीन दिन बिना नहाए रहना अनुभव का हिस्सा बन जाता है।
6. कितना कैश लेकर जाएं?
₹15,000-25,000 नकद। परिक्रमा मार्ग पर चाय की दुकानों और गेस्टहाउस में सिर्फ कैश चलता है। कोई एटीएम नहीं, कोई कार्ड मशीन नहीं। दिल्ली या काठमांडू से ही कैश लेकर चलें।
7. अकेले जाना सुरक्षित है?
सुरक्षित है, लेकिन पहली बार अकेले न जाएं।
रास्ता साफ है और दूसरे यात्री भी मिल जाएंगे। लेकिन:
- एएमएस होने पर कोई मदद नहीं कर पाएगा
- चोट लगने पर अकेले फंस सकते हैं
- स्थानीय भाषा न आने पर दिक्कत हो सकती है
सबसे अच्छा: दिल्ली या काठमांडू में साथी यात्री ढूंढें। कैलाश यात्रियों में एक स्वाभाविक भाईचारा होता है।
8. धार्मिक नियम क्या हैं?
यह एक सक्रिय तीर्थ स्थल है, सिर्फ ट्रेकिंग डेस्टिनेशन नहीं।
- घड़ी की दिशा में चलें (हिंदू/बौद्ध/जैन परंपरा)। बॉन धर्म के लोग उल्टी दिशा में चलते हैं
- मणि पत्थरों (प्रार्थना वाले पत्थर) पर पैर न रखें
- तीर्थयात्रियों की फोटो लेने से पहले अनुमति लें
- पर्वत की ओर एक उंगली से नहीं, खुली हथेली से इशारा करें
- स्तूपों और मठों के पास सम्मानजनक व्यवहार करें
परिक्रमा के बाद
द्रोलमा ला दर्रे पर जब आप 5,648 मीटर की ऊंचाई पर खड़े होंगे, हवा में प्रार्थना के झंडे लहरा रहे होंगे, और आसपास अजनबी चेहरे मुस्कुरा रहे होंगे — तब आप समझेंगे कि लाखों लोग यह यात्रा क्यों करते हैं।
62 साल की एक तिब्बती महिला से मैंने पूछा कि आप इतनी दूर कैसे चल लेती हैं। उन्होंने मुस्कुराकर कहा: “बेटा, पैर नहीं चलते — मन चलता है।”
ॐ नमः शिवाय।
यात्रा की तैयारी शुरू करें: पूरी यात्रा गाइड और मौसम की जानकारी।
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